तमिलनाडु में नवजात को सोने की अंगूठी से जुड़ी योजना में राहत, अब नानी-नाना की नागरिकता भी दायरे में
तमिलनाडु ने नवजात बच्चों के लिए चलाई जा रही अपनी सोने की अंगूठी की योजना में थोड़ा और बदलाव किया है। पहले सरकारी अस्पतालों में सिर्फ उन्हीं बच्चों को एक ग्राम सोने की अंगूठी मिलती थी, जिनकी मां राज्य की स्थायी निवासी होती थी।
लेकिन अब नए बदलाव के बाद, अगर शादी के बाद मां कहीं और चली भी गई हों, पर उनके माता-पिता (यानी बच्चे के नानी-नाना) अभी भी तमिलनाडु के स्थायी निवासी हों और इसका वैध दस्तावेज हो, तब भी बच्चे को अंगूठी मिल पाएगी।
सरकारी अस्पताल में जन्म पर नानी-नाना का प्रमाण जरूरी
यह सुविधा सिर्फ उन बच्चों को मिलेगी जिनका जन्म राज्य के सरकारी अस्पतालों में हुआ हो। साथ ही, जरूरी है कि बच्चे के नानी-नाना तमिलनाडु के स्थायी निवासी हों और इसका सबूत भी पेश किया जाए।
परिवारों को बस इतना करना होगा कि वे नानी-नाना के स्थायी निवासी होने का प्रमाण दिखा दें। इस योजना का ऐलान TVK ने चुनाव प्रचार के दौरान किया था। बाद में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 28 सितंबर को इसे शुरू किया था। इस पहल से अब और भी ज्यादा परिवार अपने नए मेहमान का स्वागत सोने की अंगुंठी के साथ कर पांएंगे।