सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, कहा- समझौते से खत्म नहीं होंगे बलात्कार के मामले
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि बलात्कार के मामले सिर्फ इसलिए खत्म नहीं किए जा सकते कि दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता हो गया हो। जजों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ऐसे समझौते कभी-कभी जबरदस्ती या पैसों के लालच में भी करवाए जा सकते हैं। इसीलिए, सच्चाई का पता लगाने के लिए मामले की ठीक से सुनवाई होना जरूरी है। कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक फैसले को पलट दिया था, जिसमें एक समझौते के बाद बलात्कार की शिकायत खारिज कर दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई जारी रखने का आदेश दिया
अदालत ने यह भी कहा कि बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों को केवल निजी समझौतों से यूं ही खत्म नहीं किया जा सकता। इस खास मामले में महिला ने अदालत को बताया था कि उस पर समझौता करने का दबाव बनाया गया था। इसी वजह से जजों ने मामले को बंद करने के बजाय मुकदमे की सुनवाई जारी रखने पर जोर दिया। आरोपी को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का मुख्य संदेश बिल्कुल साफ है कि न्याय के लिए पूरी जांच जरूरी है, कोई शॉर्टकट नहीं होना चाहिए।