तमिलनाडु सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, धर्म बदलने वाले मुस्लिमों को पिछड़ा वर्ग आरक्षण देने का फैसला रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक फैसला सुनाया है। इसके मुताबिक, तमिलनाडु में जो लोग हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपना लेते हैं, उन्हें अपने आप बैकवर्ड क्लास (मुस्लिम) का आरक्षण नहीं मिलेगा।
जजों ने साफ कर दिया कि सिर्फ धर्म बदल लेने से किसी को उसके पहले के सामाजिक दर्जे के आधार पर आरक्षण का फायदा अपने आप मिलता नहीं रह जाएगा, और न ही उसे कोई नया आरक्षण मिलेगा।
कोर्ट ने तमिलनाडु के BC(M) में शामिल करने के प्रस्ताव को ठुकराया
यह फैसला तब आया, जब तमिलनाडु सरकार ने एक कोशिश की थी। उन्होंने बैकवर्ड क्लास (BC), मोस्ट बैकवर्ड क्लास (MBC), डिनोटिफाइड कम्युनिटीज (DNC) और शेड्यूल्ड कास्ट (SC) से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को अपने 3.5 प्रतिशत BC(M) कोटे में शामिल करना चाहा।
कोर्ट ने कहा कि कानून ऐसा करने की इजाजत नहीं देता है।
दरअसल, संविधान (शेड्यूल्ड कास्ट्स) आदेश, 1950 के अनुसार इन आरक्षणों का फायदा कुछ खास धार्मिक समूहों को ही मिलता है। ऐसे में, किसी के पुराने बैकग्राउंड के आधार पर आरक्षण के नियमों में बदलाव या उसे बढ़ाया नहीं जा सकता। यह फैसला राज्य में अलग-अलग समुदायों के लिए आरक्षण के सिस्टम पर बड़ा असर डाल सकता है।