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सुप्रीम कोर्ट से मुख्यमंत्री विजय को राहत, करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों को बांट सकेंगे नौकरी
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री विजय के करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों को बांटने के फैसले को सही बताया

सुप्रीम कोर्ट से मुख्यमंत्री विजय को राहत, करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों को बांट सकेंगे नौकरी

लेखन गजेंद्र
Aug 14, 2026
12:15 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसले में तमिलनाडु की मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें उसने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों को नौकरी देने का विरोध किया था। न्यायमूर्ति जेबी परदीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने तमिलनाडु सरकार की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित कर कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों को मुआवजा दे रही है, क्या उसे नहीं देना चाहिए? कोर्ट ने आदेश पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया है।

सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, "भगदड़ मची, लोग मारे गए। अगर सरकार ने उन्हें मुआवजा देना चाहती है, तो यह कैसे कह सकते हैं कि उन्हें रोजगार नहीं देना चाहिए? मान लीजिए किसी परिवार का इकलौता सदस्य त्रासदी में मर गया, तो क्या सरकार को उसके बेटे या बेटी को कोई रोजगार नहीं देना चाहिए?"

कोर्ट ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव और अन्य को नोटिस जारी किया है। सरकारकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंहवी पेश हुए थे।

सुनवाई

मद्रास हाई कोर्ट ने TVK के नौकरी बांटने के फैसले को बताया था गलत

हाई कोर्ट ने 27 जुलाई को जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए मुख्यमंत्री विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार को झटका दिया था।

कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद-14 और 16 का उल्लंघन बताते हुए करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरियां प्रदान करने का आदेश रद्द कर दिया था।

मुख्यमंत्री विजय ने भगदड़ में जान गंवाने वाले पीड़ितों के 32 वारिसों को अनुकंपा नियुक्ति का पत्र सौंपा था।

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