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मद्रास हाई कोर्ट ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों को नौकरी देने वाला आदेश किया रद्द
द्रास हाई कोर्ट ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों को नौकरी देने वाला आदेश किया रद्द

मद्रास हाई कोर्ट ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों को नौकरी देने वाला आदेश किया रद्द

लेखन गजेंद्र
Jul 27, 2026
06:51 pm

क्या है खबर?

तमिलनाडु की मद्रास हाई कोर्ट से सोमवार को मुख्यमंत्री विजय की सरकार को करारा झटका लगा है। कोर्ट की मदुरै पीठ ने पिछले साल करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने वाले आदेश को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति सीवी कार्तिकेयन और न्यायमूर्ति आर शक्तिवेल की खंडपीठ ने कहा कि यह नियुक्ति अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है। पीठ ने नियुक्तियों को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं के समूह का निपटारा भी किया।

सुनवाई

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक सरकारी विभाग में अनुकंपा नियुक्ति की अनेक लोग प्रतीक्षा कर रहे हैं और उनकी जरूरतों को नजरअंदाज करते हुए इस मामले में परिवारों को रोजगार देना उचित नहीं।

कोर्ट ने कहा कि राज्य ने संविधान के अनुच्छेद-162 के तहत अपनी प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश पारित करने का दावा किया है, लेकिन ऐसी शक्तियों का प्रयोग संवैधानिक सीमाओं के भीतर होना चाहिए।

कोर्ट ने कहा, अगर कार्यकारी कार्रवाई अनियंत्रित हो तो अराजकता फैलेगी।

हैरानी

नौकरी की जगह तकनीकी कौशल दें राज्य 

कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे मामले में अनुकंपा नियुक्ति की अनुमति दी जाती है, तो इससे अन्य लोगों के लिए भी इस तरह की नौकरी पाने का रास्ता खुल जाएगा।

कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि रोजगार प्रदान करने के बजाय, राज्य ने योग्य परिवारों को तकनीकी कौशल देने पर विचार क्यों नहीं किया, जिससे परिवारों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलती।

कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक रोजगार राज्य मुफ्त नहीं दे सकते, इसे अर्जित करना पड़ता है।

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घटना

क्या है मामला?

सितंबर 2025 में तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की चुनावी रैली के दौरान करूर में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 41 लोग मारे गए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री विजय ने मृतकों के परिवारों के लिए पुनर्वास पैकेज की घोषणा की थी।

मुख्यमंत्री बनने के बाद 10 जुलाई को, विजय ने पहली बार करूर का दौरा किया और पीड़ितों के परिवारों के 32 सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे थे।

इस दौरान विजय भावुक हो गए थे।

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