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सुप्रीम कोर्ट ने CJP प्रदर्शन के दौरान पुलिस ज्यादतियों पर एक महीने में रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने CJP प्रदर्शन के दौरान पुलिस ज्यादतियों पर एक महीने में रिपोर्ट मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने CJP प्रदर्शन के दौरान पुलिस ज्यादतियों पर एक महीने में रिपोर्ट मांगी

लेखन गजेंद्र
Nov 05, 2026
04:38 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज, आंसू गैंस और पैलेट गन को लेकर जांच रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने उच्च-स्तरीय जांच समिति (HPEC) को निर्देश दिया कि वह हिंसा की जांच करे और एक महीने के अंदर अपनी पहली रिपोर्ट जमा करे। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने निर्देश दिया कि पीड़ितों की ओर से जमा सामग्री की भी जांच होनी चाहिए।

सुनवाई

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, "हमने साफ कर दिया है कि पार्टियों की तरफ से दी गई जानकारी और सामग्री, जिसमें पीड़ितों की सामग्री भी शामिल है, की जांच की जाएगी और उस पर विचार किया जाएगा। समिति को भेजे गए दूसरे मुद्दों के अलावा, 2 मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है।"

कोर्ट ने निर्देश दिया कि पहले से मिले सामग्री के आधार पर, जिसे भी जवाब देना है, उससे जवाब मांगे और एक महीने में रिपोर्ट जमा करे।

निर्देश

HPEC में हैं 5 सदस्य 

HPEC में 5 सदस्य हैं, जिसका गठन कोर्ट ने 18 अगस्त को किया था।

कोर्ट ने HPEC से कहा था कि वह पहले पेलेट गन के इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों पर हिंसा और उनको परेशान करने और दोनों तरफ से बहुत अधिक हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की जांच करे।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाली कमेटी को यह जांच सौंपी गई है।

मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।

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