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सुप्रीम कोर्ट ने 'वंदे मातरम' को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की, कहा- पालन अनिवार्य नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने 'वंदे मातरम' को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने 'वंदे मातरम' को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की, कहा- पालन अनिवार्य नहीं

लेखन गजेंद्र
Mar 25, 2026
01:57 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार की सलाह को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए उसे खारिज कर दिया। याचिका में केंद्र की उस सलाह को चुनौती गई थी, जिसमें उसने कुछ दिन पहले सार्वजनिक समारोहों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' बजाने को लेकर दिशानिर्देश दिया था। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि केंद्र के दिशानिर्देशों में गैर-अनुपालन के लिए दंडात्मक प्रावधान नहीं है।

याचिका

सरकार का दिशानिर्देश केवल प्रोटोकॉल है, अनिवार्य नहीं

यह याचिका मुहम्मद सईद नूरी द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने कहा कि व्यवधान उत्पन्न करने पर दंड का प्रावधान है। इस पर CJI ने कहा कि ये दिशानिर्देश केवल एक प्रोटोकॉल हैं और इनका पालन करना अनिवार्य नहीं है। पीठ ने कहा, "जब दंडात्मक कार्रवाई होगी या (गायन) अनिवार्य किया जाएगा, तब हम ध्यान देंगे। यह अधिसूचना केवल परामर्श के लिए है। इसमें कोई दंडात्मक कार्रवाई भी नहीं है।"

सुनवाई

कोई किसी को मजबूर नहीं कर रहा- कोर्ट

दंडात्मक प्रावधान पर न्यायमूर्ति बागची ने पूछा, "क्या 28 जनवरी की अधिसूचना के तहत कोई दंडात्मक कार्रवाई होगी?" CJI ने पूछा, "क्या याचिकाकर्ता को राष्ट्रगान बजाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हमें वह नोटिस दिखाइए जिसमें आपको राष्ट्रगान बजाने के लिए बाध्य किया गया है।" CJI ने कहा कि इसके कोई दंडात्मक परिणाम नहीं हैं और आपकी अकादमी में कोई भी आपको ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं कर रहा है।

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