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सुप्रीम कोर्ट का हिमंत बिस्वा सरमा के नफरती भाषणों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट का हिमंत बिस्वा सरमा के नफरती भाषणों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार

सुप्रीम कोर्ट का हिमंत बिस्वा सरमा के नफरती भाषणों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार

लेखन गजेंद्र
Feb 16, 2026
02:50 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा लगातार मुसलमानों को निशाना बनाकर दिए जा रहे नफरती भाषणों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। मामले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की नेता एनी राजा और असमिया विद्वान डॉ हिरेन गोहेन ने याचिकाएं दायर की थीं। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल पंचोली की पीठ ने कहा कि मामले से हाई कोर्ट का निपटना बेहतर होगा।

सुनवाई

हाई कोर्ट में हो सकती है सुनवाई

बार एंड बेंच ने कोर्ट के हवाले से कहा, "इन सभी मुद्दों का प्रभावी ढंग से क्षेत्राधिकार प्राप्त हाई कोर्ट द्वारा निपटारा किया जा सकता है। हमें इस मामले को यहां सुनने का कोई कारण नहीं दिखता, इसलिए हम याचिकाकर्ता को क्षेत्राधिकार प्राप्त गुवाहाटी हाई कोर्ट में भेजते हैं।" कोर्ट ने हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि वे मामले की सुनवाई को प्राथमिकता दें, क्योंकि वकीलों ने मामले में तात्कालिकता का हवाला दिया है।

सुनवाई

अदालत को नहीं कर सकते कमजोर- CJI

CJI ने याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं से कहा, "आप तो अभी तक हाई कोर्ट गए भी नहीं हैं। मैं तो सीधे-सीधे बात कर रहा हूं। एक क्षेत्राधिकार का हवाला देने की जल्दबाजी में हम दूसरे क्षेत्राधिकार को कमज़ोर नहीं कर सकते। यह अदालत इन सब का खेल मैदान नहीं बन सकती। हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आने वाला कोई भी मामला उचित है। हमें विश्वास है कि हाई कोर्ट इस मामले की जांच करके फैसला सुना सकता है।"

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विवाद

सरमा के किस बयान से आपत्ति?

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर असम भाजपा की ओर से एक वीडियो साझा किया गया था, मुख्यमंत्री सरमा एक अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य पर बंदूक से गोली चलाते दिख रहे थे। वीडियो के साथ "स्पॉट ब्लैंक शॉट" और "कोई दया नहीं" जैसे वाक्यांश लिखे हुए थे। इसके अलावा एक सार्वजनिक सभा में सरमा ने कहा था कि "4 से 5 लाख मिया मतदाताओं को मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। हेमंत बिस्वा सरमा और भाजपा मिया समुदाय के खिलाफ है।"

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ट्विटर पोस्ट

सरमा के इस वीडियो को साझा कर आपत्ति जताई जा रही है

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