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दिल्ली में दिवाली के दिन फोड़ सकेंगे हरित पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने तय की समय सीमा 
दिल्ली में दिवाली के दिन फोड़ सकेंगे हरित पटाखे

दिल्ली में दिवाली के दिन फोड़ सकेंगे हरित पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने तय की समय सीमा 

लेखन गजेंद्र
Nov 02, 2026
03:39 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने इस दिवाली पर दिल्ली-NCR में हरित पटाखों को फोड़ने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने इसके लिए समय सीमा भी तय की है, जिसके तहत पटाखे 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 और रात 8 से 10 बजे तक फोड़े जा सकेंगे। कोर्ट ने अपने 15 अक्टूबर, 2025 के पहले के आदेश को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अस्पतालों, वृद्धाश्रम और शांत क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे में पटाखा नहीं फोड़ा जाएगा।

दिवाली

9 नवंबर से फिर लागू हो जाएगा प्रतिबंध

लाइव लॉ के मुताबिक,, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने 7 नवंबर को सुबह 6 बजे से रात 8 बजे के बीच और 8 नवंबर को सुबह 7 बजे से रात 10 बजे के बीच पटाखे फोड़ने की इजाजत दी है।

कोर्ट ने 9 नवंबर, 2026 से फिर पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने पिछले साल भी दिवाली के लिए भी ऐसी ही छूट दी थी।

छूट

व्यापारियों के लाइसेंस बहाल

कोर्ट ने उन पटाखा व्यापारियों के लाइसेंस भी कुछ समय के लिए बहाल कर दिए, जिनके लाइसेंस रद्द कर दिए गए थे। उन्हें 4 से 6 नवंबर के बीच मंजूर हरित पटाखे बेचने की इजाजत होगी।

कोर्ट ने कहा कि यह छूट कुछ समय के लिए है और पटाखों को बनाने, बेचने और इस्तेमाल करने से जुड़े कड़े सुरक्षा उपायों के तहत है।

कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सिर्फ CSIR-NEERI से मंजूर हरित पटाखे ही बेचना सुनिश्चित हो।

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प्रतिबंध

अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे फोड़ना मना है।

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रम और घोषित शांत क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे में पटाखे नहीं फोड़े जाएंगे।

कोर्ट ने कहा कि इलाकों को 'पटाखा रहित क्षेत्र' घोषित किया जाएगा, जमीन पर निशान लगाए जाएंगे और प्रचार किया जाएगा। यह रोक शिक्षण संस्थानों पर भी लागू होगी।

कोर्ट ने अधिकारियों को नियमों का पालन करने और बीमारियों से परेशान लोगों को परेशानी से बचाने की कोशिश करने का निर्देश दिया है।

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पटाखा

हरित पटाखों के डिब्बों पर QR कोड जरूरी

कोर्ट ने कहा कि जिन पटाखा निर्माताओं के पास CSIR-NEERI से हरित पटाखा प्रमाणपत्र और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) से लाइसेंस है, उन्हें 2-6 नवंबर तक हरित पटाखा बनाने की अनुमति है।

कोर्ट ने कहा कि पटाखों का बॉक्स पूरी तरह सील हो, बेरियम वाले पटाखे न हों, हर बॉक्स पर प्रोडक्ट-स्पेसिफिक QR कोड होना चाहिए, जिसमें निर्माता, NEERI रजिस्ट्रेशन, PESO/DM लाइसेंस, फॉर्मूलेशन और टेस्ट सर्टिफिकेट का पता चलना चाहिए।

इसके उल्लंघन पर लाइसेंस तुरंत निलंबित होगा।

जांच

पुलिस करेंगे जांच

कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे दिल्ली-NCR में सभी पटाखा बनाने वालों और व्यापारियों से एक बड़ी रकम की सिक्योरिटी राशि देने को कहें, जिसे अधिकारी तय करेंगे।

अगर कोई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो सिक्योरिटी डिपॉजिट तुरंत जब्त हो जाएगी।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सहित अन्य सभी स्थानों पर पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित है।

पुलिस अधिकारियों को, जिला प्रशासन के साथ मिलकर, तय बिक्री की जगहों पर नजर रखने और जांच का निर्देश दिया है।

आदेश

पिछले साल कोर्ट ने क्या कहा था?

सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में अक्टूबर से जनवरी के बीच दिल्ली और वायु प्रदूषण से प्रभावित दूसरे उत्तर भारतीय राज्यों में पटाखों पर रोक लगाने के आदेश दिए थे।

हालांकि, 2025 में दिवाली के त्योहार के दौरान कुछ समय के लिए हरित पटाखों की बिक्री और फोड़ने की इजाजत परीक्षण के तौर पर दी थी।

इसी आदेश को आगे बढ़ाते हुए हरित पटाखों की अनुमति फिर दी गई है। हालांकि, यह छूट 7 और 8 नवंबर तक लागू है।

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