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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला; गृहणियों को 'राष्ट्र निर्माता' बताया, मौत पर परिवार को मिलेगा मुआवजा
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला; गृहणियों को 'राष्ट्र निर्माता' बताया

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला; गृहणियों को 'राष्ट्र निर्माता' बताया, मौत पर परिवार को मिलेगा मुआवजा

लेखन गजेंद्र
Jun 11, 2026
03:15 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए देशभर की गृहणियों को 'राष्ट्र निर्माता' और राष्ट्र के साथ मानव के विकास में योगदान देने वाला बताया। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एनके सिंह की पीठ ने कहा कि अगर सड़क दुर्घटना में किसी गृहणी की मौत हो जाती है तो उसका परिवार मुआवजे का हकदार है। कोर्ट ने कहा कि हादसे में परिवार के घरेलू देखभाल के नुकसान के लिए मुआवजे की राशि 30,000 प्रतिमाह होनी चाहिए।

घटना

पहले जानिए, मामला क्या है?

पंजाब में 2001 में 2 जीप की टक्कर हुई थी, जिसमें रेशमा की मौत हुई थी। उनके पति और 3 बच्चों ने मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के तहत मुआवजे का दावा किया। परिवार को मुआवजा मिला, लेकिन उसने अपर्याप्त बताकर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया। हई कोर्ट ने 2024 में परिवार को 8 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। परिवार इसे भी कम बताते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिस पर गुरुवार को फैसला आया है।

सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

पीठ ने कहा, "हमारा मानना ​​है कि गृहिणी इंसान और राष्ट्र विकास में योगदान देती है। इस योगदान का मौद्रिक मूल्यांकन कैसे हो? हमने सिद्धांत निर्धारित कर राष्ट्र निर्माता के रूप में, घरेलू देखभाल से होने वाली मासिक आय के नुकसान की राशि 30,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की है।" कोर्ट ने कहा कि अगर किसी को मोटर दुर्घटना मुआवजा मिलता है तो उसे 'प्रणय सेठी' फैसले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित हर्जाने के अलावा 'घरेलू देखभाल का नुकसान' भी मिलेगा।

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विश्वास

कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावों के मामलों की निगरानी को कहा

कोर्ट ने कहा कि प्रणय सेठी मामले में निर्धारित आधारों के अतिरिक्त घरेलू देखभाल का नुकसान एक अतिरिक्त आधार होगा और हम विश्वास जताते हैं कि अब गृहणी को राष्ट्र निर्माता का दर्जा प्राप्त होगा। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सभी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को मोटर दुर्घटना से जुड़े मुआवजा दावों की निगरानी करने को कहा है और परिवार को न्याय मिलने में देरी पर चिंता जताते हुए मामलों को जल्द से जल्द निपटाने को कहा है।

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