सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की 3 बिजली कंपनियों की प्रस्तावित ऑडिट पर लगाई रोक, जानिए कारण
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की 3 निजी बिजली कंपनियों के प्रस्तावित ऑडिट पर रोक लगा दी है। यह ऑडिट भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) को करनी था। अब बड़ा सवाल यह है कि दिल्ली के बिजली नियामक (DIRC) के पास इस तरह की ऑडिट करवाने का अधिकार था भी या नहीं। इस फैसले से सरकार की उन 38,552 करोड़ रुपये की जांच की कोशिश भी टल गई है, जो इन कंपनियों के पास सालों से बिजली के टैरिफ न बढ़ने के कारण जमा हो गए हैं।
कोर्ट 15 जुलाई को मामले की दोबारा सुनवाई करेगा
शुक्रवार की सुनवाई के दौरान सरकार के वकीलों ने कहा कि उपभोक्ताओं पर इसका बोझ डालने से पहले यह ऑडिट कराना बेहद जरूरी है। वहीं, बिजली कंपनियों के वकीलों ने दलील दी कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला पहले ही यह तय कर चुका है कि इन पैसों की वसूली कैसे की जाएगी। फिलहाल, 15 जुलाई तक स्थिति वैसी ही बनी रहेगी, जब तक अदालत इस मामले पर फिर से सुनवाई नहीं करती।