UGC के नए नियमों पर देशभर में बवाल, याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
क्या है खबर?
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से परिसरों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए बनाए गए नियमों को लेकर देश में आक्रोश भड़क गया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिन पर सुनवाई के लिए कोर्ट तैयार हो गया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने याचिकाओं को लेकर कहा, "हमें पता है कि क्या हो रहा है। पहले याचिकाओं की खामियां दूर करें। हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।"
याचिकाएं
याचिकाओं में क्या मांग की गई है?
याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि इन नियमों को वर्तमान स्थिति में लागू नहीं किया जाए। कहा गया है कि नए नियमों में सामान्य वर्ग के लिए कोई शिकायत निवारण तंत्र नहीं है और इक्विटी कमेटियों में केवल आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिससे व्यवस्था जातिगत रूप से एकतरफा हो रही है। याचिकाओं में मांग की गई है कि इक्वल अपॉर्चुनिटी सेंटर, इक्विटी हेल्पलाइन और ओम्बड्सपर्सन की प्रक्रिया सभी वर्गों के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जाए।
मामला
क्या है मामला?
दरअसल, UGC ने सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों व अन्य उच्च शिक्षण संस्थाओं को रैगिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। नियमों के मुताबिक, हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी, जो SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतें सुनेगी। इसमें SC, ST, OBC, दिव्यांग और महिलाओं का होना जरूरी है। सवर्ण या सामान्य श्रेणी के छात्र इन नियमों का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इनमें 'गैर-समावेशी' परिभाषा अपनाई गई है।