पद्मश्री सुनीता कृष्णन का वोटर फॉर्म खारिज, 'कागजी अड़चन' ने रोका समाजसेविका का पंजीकरण
जानी-मानी समाजसेविका और पद्मश्री विजेता सुनीता कृष्णन का मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का फॉर्म चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। उनका यह ऑनलाइन आवेदन 'मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन' के लिए था।
दिक्कत यह आई कि इसमें माता-पिता की जानकारी गायब थी, जो साल 2002 के पुराने रिकॉर्ड में होनी चाहिए थी। सुनीता ने यह जानकारी इसलिए नहीं दी थी, क्योंकि वह बहुत छोटी उम्र में ही घर से निकल गई थीं और तब से उनके परिवार से कोई खास संपर्क नहीं रहा। सुनीता कृष्णन और उनके पति ने तीन साल पहले ही पहली बार वोटर के तौर पर अपना नाम दर्ज कराया था।
कृष्णन माता-पिता का ब्यौरा शामिल करेंगी
कोई भी बूथ-लेवल अधिकारी उनके घर नहीं पहुंचा, इसलिए उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन यहीं पर यह कागजी अड़चन सामने आ गई। यह बात भले ही परेशान करने वाली हो, फिर भी वह धोखाधड़ी रोकने के लिए कड़े नियमों और जांच-पड़ताल की जरूरत को मानती हैं।
अब उन्होंने दोबारा आवेदन करने का पक्का इरादा कर लिया है। उनका कहना है कि अगली बार वह अपने माता-पिता का ब्यौरा मतदाता फॉर्म में जरूर देंगी। इन सब बातों के बावजूद, सुनीता कृष्णन महिलाओं और सामाजिक न्याय के लिए अपना काम लगातार कर रही हैं।