सुकेश चंद्रशेखर को सुप्रीम कोर्ट का फर्जी जज बनना पड़ा पारी, मिली 8 साल जेल की सजा
दिल्ली की एक अदालत ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को 8 साल जेल की सजा सुनाई है। यह सजा उसे तब मिली जब उसने खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताया था। वह 2017 के एक भ्रष्टाचार मामले में पहले से ही पुलिस हिरासत में था। इसी दौरान उसने एक पुलिस कांस्टेबल के फोन से विशेष जज पूनम चौधरी को फोन किया। पहले उसने खुद को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जज का निजी सचिव बताया और फिर खुद जज बनकर बात की। उसका इरादा अपनी जमानत के फैसले पर जज को प्रभावित करना था।
सुकेश चंद्रशेखर दोषी करार, फैसले के खिलाफ अपील
अदालत ने सुकेश को सरकारी अधिकारी का ढोंग करने, किसी सरकारी कर्मचारी को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने और आपराधिक धमकी देने का दोषी माना। अदालत ने उसके इस काम को न्यायिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्षिता मिश्रा ने कहा कि यह फैसला उन लोगों के लिए एक सबक है जो न्याय व्यवस्था से खिलवाड़ करने की सोचते हैं। सुकेश अब दिल्ली हाई कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील कर रहा है। उसका कहना है कि फैसले के कुछ हिस्से गलत हैं और ये उसकी साख को नुकसान पहुंचाते हैं।