ब्रह्मोस के 'हीरो' सुधीर मिश्रा को रूसी सम्मान, 25वीं वर्षगांठ पर भारत की बढ़ी वैश्विक धमक
भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के अनुभवी अधिकारी और ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व महानिदेशक सुधीर कुमार मिश्रा को रूस के 'फेडरल सर्विस फॉर मिलिट्री-टेक्निकल कोऑपरेशन' की तरफ से 'फॉर डिस्टिंक्शन' मेडल से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट में निभाई गई उनकी बड़ी भूमिका के लिए मिला है। यह प्रोजेक्ट भारत और रूस का एक संयुक्त प्रयास था, जिससे एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनी। यह मेडल रूस के राजदूत ने मिश्रा को सौंपा। यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ जब ब्रह्मोस मिसाइल के पहले टेस्ट लॉन्च की 25वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही थी।
ब्रह्मोस ने दक्षिण पूर्व एशिया में आपूर्ति समझौते किए पक्के
मिश्रा ने ब्रह्मोस मिसाइलों को सुखोई फाइटर जेट्स पर लगाने में भी एक बड़ी भूमिका निभाई। इस कदम से भारत की रक्षा तकनीक को और मजबूती मिली। इस समारोह में उन्होंने यह भी बताया कि मॉस्को में काम करने का उनका अनुभव उनके लिए कितना मायने रखता है। ब्रह्मोस प्रोजेक्ट ने अब फिलीपींस, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे कई देशों को मिसाइलों की आपूर्ति के लिए समझौते किए हैं। यह इस बात का सबूत है कि भारत और रूस की इस साझेदारी का दुनिया भर में कितना बड़ा प्रभाव पड़ा है।