RJD सांसद ने राम मंदिर ट्रस्ट को भेजा कानूनी नोटिस, मांगा 5 साल का हिसाब
अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। दरअसल, समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे ने दावा किया था कि मंदिर के लिए आए 7 से 7.5 करोड़ रुपये का गलत इस्तेमाल हुआ है, जिसके बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सांसद सुधाकर सिंह ने ट्रस्ट को कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में ट्रस्ट से साल 2021-22 से लेकर 2025-26 तक के दान और खर्च का पूरा हिसाब मांगा गया है। इसमें ऑडिट की गई बैलेंस शीट, आय-व्यय का ब्यौरा, ऑडिटर्स की रिपोर्ट और बैंक खातों की जानकारी भी शामिल है। इसके अलावा, जमीन खरीदने के रिकॉर्ड और विदेशी योगदान (FCRA) की पूरी जानकारी भी मांगी गई है। इस नोटिस के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है और विपक्षी नेताओं की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं।
चंपत राय ने दान के गलत इस्तेमाल के आरोपों को नकारा
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दान के गलत इस्तेमाल के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने साफ कहा है कि पूरे दान का प्रबंधन पूरी पारदर्शिता और सही तरीके से किया जा रहा है। इस बीच, राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने तो भाजपा पर गलत आचरण का आरोप तक लगा दिया। इसके जवाब में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने राज्य सरकार का बचाव करते हुए कहा कि एक SIT पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है और विपक्षी दल इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।