दिल्ली में यमुना नदी ने खोई 68 प्रतिशत चौड़ाई, बहाव भी 90 प्रतिशत कम हुआ
एक नए अध्ययन से पता चला है कि दिल्ली की यमुना ने साल 1799 से अब तक अपनी 68 फीसदी चौड़ाई और पानी के बहाव का करीब 90 फीसदी हिस्सा खो दिया है। कभी यह नदी 658 मीटर चौड़ी हुआ करती थी, लेकिन अब इसकी औसत चौड़ाई सिर्फ 210 मीटर रह गई है। इसके साथ ही नदी में पानी का बहाव भी 30,000 से घटकर सिर्फ 3,900 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड पर आ गया है।
यमुना की गिरावट के लिए इंसानी गतिविधियां जिम्मेदार
शोधकर्ताओं का कहना है कि यमुना की इस दुर्दशा के पीछे इंसानी गतिविधियां ही मुख्य वजह हैं। ओखला और वजीराबाद जैसे बैराज नदी के प्राकृतिक बहाव को रोक देते हैं। वहीं, बाढ़ के मैदानों की जमीन पर इमारतें और बड़ी परियोजनाएं बनने से नदी का रास्ता लगातार सिकुड़ता जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के बाढ़ के मैदानों का करीब एक-तिहाई हिस्सा अब नदी से पूरी तरह अलग हो चुका है। सिर्फ 200 सालों में दिल्ली की आबादी ढाई लाख से बढ़कर 2.15 करोड़ से भी ऊपर पहुंच गई है। इस तेजी से बढ़ती आबादी के कारण यमुना पर लगातार दबाव बढ़ रहा है, जिससे न सिर्फ बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है, बल्कि नदी के पास खुद को फैलाने की जगह भी कम बच रही है।