भारतीय अस्पतालों में मंडरा रहा मौत का खतरा: ग्राम-नेगेटिव संक्रमण 43 प्रतिशत तक जानलेवा
20 भारतीय अस्पतालों में हुए एक नई अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि 1.59 लाख भर्ती हुए मरीजों में से 26,213 मरीजों में ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया का संक्रमण था। इस अध्ययन के मुताबिक, 1.59 लाख मरीजों में से जिन लोगों को इलाज में मुश्किल पैदा करने वाले कुछ खास जीवाणु जनित संक्रमण हुए थे, उन पर मौत का खतरा 43 प्रतिशत तक बढ़ गया। ऐसे रेसिस्टेंट बैक्टीरिया से होने वाले कुछ रक्त संक्रमण में मृत्यु दर 51 प्रतिशत तक पहुंच गई थी और इन मरीजों के इलाज का खर्च भी काफी ज्यादा आता है।
AMR से सबसे ज्यादा खतरे में हैं बच्चे
बच्चे, खासकर वे जो पहले से बीमार हैं, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से और भी बड़े खतरे में हैं। फरीदाबाद के अमृता अस्पताल में बच्चों की संक्रामक बीमारियों की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ अपर्णा चक्रवर्ती ने इसकी वजह बताई। उनके मुताबिक, जब हम बिना जरूरत एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल करते हैं, तो बैक्टीरिया उन दवाओं के खिलाफ और भी ज्यादा ताकतवर बन जाते हैं। वैसे भी एंटीबायोटिक्स वायरस पर असर नहीं करते, फिर भी लोग अक्सर सर्दी-जुकाम जैसी वायरल बीमारियों में भी इनका इस्तेमाल कर लेते हैं।