IIT दिल्ली 'आत्महत्या' विवाद: छात्रों का प्रदर्शन जारी, निदेशक की चेतावनी के बावजूद चाहिए जवाबदेही
IIT दिल्ली में छात्र अभी भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ये प्रदर्शन 31 साल के MSc छात्र ऋषिकेश कुमार की कथित आत्महत्या के बाद शुरू हुए थे। 22 अगस्त को ऋषिकेश की मौत के बाद से छात्र लगातार अपनी मांगें रख रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में स्टूडेंट्स वेलफेयर के डीन का इस्तीफा, मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच, कुमार के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्र पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई न करने का आश्वासन शामिल है।
IIT दिल्ली निदेशक की नारों पर चेतावनी
मामला तब और बढ़ गया जब IIT दिल्ली के निदेशक ने एक ईमेल भेजा। इस ईमेल में चेतावनी दी गई थी कि जो लोग फैकल्टी आवास के पास 'अप्रिय, अपमानजनक और धमकी भरे नारे' लगाकर कैंपस के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों ने इसके जवाब में कहा कि उनके नारे शांतिपूर्ण थे और उनका मकसद फैकल्टी का समर्थन हासिल करना था, न कि किसी तरह की परेशानी पैदा करना। उन्होंने यह भी बताया कि कैंपस में भारी संख्या में पुलिस की मौजूदगी बेवजह लग रही थी और उनकी रैली से वास्तव में कैंपस के कामकाज में कोई बाधा नहीं आई।
प्रदर्शनकारियों ने जवाबदेही मांगी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन ने जांच कमेटी बनाने जैसे कदम उनकी वजह से ही उठाए हैं। कुमार की मौत के बाद से मामले में हुई धीमी प्रगति को लेकर कई छात्र निराश हैं। वे संस्थान से सही जवाबदेही चाहते हैं।