श्रीनगर के 23 वार्ड भूकंप के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील, तैयारियों में कमी सामने आई
एक सरकारी रिपोर्ट बताती है कि श्रीनगर भारत के उन इलाकों में से है जहाँ भूकंप का खतरा सबसे ज्यादा है, लेकिन अगर कोई बड़ा भूकंप आ जाए तो यह शहर उससे निपटने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है। पूरे देश का आधे से ज्यादा हिस्सा भूकंप के जोखिम में है, और श्रीनगर तो इनमें सबसे ज्यादा खतरे वाले जोन में आता है।
यहां की तंग गलियाँ और इमारतों का घना जाल इस स्थिति को और भी गंभीर बना देता है। शहर के कुल 23 वार्डों को खासकर बहुत ज्यादा संवेदनशील माना गया है।
समिति समीक्षा कर रही है, पर काम अटका
एक सरकारी समिति इन जोखिमों की समीक्षा कर रही है, लेकिन इमारतों को सुरक्षित बनाने और आपातकालीन रास्तों को बेहतर करने जैसे जरूरी कदमों पर अभी तक कोई ठोस काम शुरू नहीं हुआ है।
विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि अब सिर्फ खतरों का आकलन करने का कोई फायदा नहीं है। सरकार को तुरंत जमीनी स्तर पर काम शुरू करना चाहिए ताकि अगर कोई बड़ा भूकंप आता है, तो यहां के लोग ज्यादा सुरक्षित रह सकें।