'DMK ने स्कूलों के लिए मांगी रिश्वत', श्रीधर वेम्बु का भ्रष्टाचार पर बड़ा खुलासा
जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने बताया है कि तमिलनाडु में गरीब बच्चों के लिए स्कूल बनाने की उनकी कोशिशों को DMK सरकार की वजह से बड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने स्कूलों के संचालन के लिए रिश्वत की मांग की थी। वेम्बु ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे एक स्कूल बंद कर दिया गया था। इस स्कूल के फाउंडर एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी थे, जिन्होंने NOC के लिए पैसे देने से साफ इनकार कर दिया था। वेम्बु ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस मुद्दे पर आवाज उठाई, तो DMK समर्थकों ने उन्हें अपशब्द कहे और धमकियां भी दीं।
श्रीधर वेम्बु ने भ्रष्टाचार को कहा 'घिनौना'
वेम्बु ने इस भ्रष्टाचार को 'घिनौना' बताया है। उन्होंने आगे कहा कि नई TVK सरकार के सत्ता में आने के बाद यही काम बहुत तेजी से आगे बढ़ा और किसी तरह के पैसों की मांग नहीं की गई। इन तमाम प्रशासनिक बाधाओं और धमकियों के बावजूद, वे अपने मिशन से बिल्कुल पीछे नहीं हटे हैं। वे अपने कलाइवाणी कल्वी मैयम प्रोजेक्ट के जरिए ग्रामीण इलाकों तक अच्छी शिक्षा पहुंचाने के अपने संकल्प पर दृढ़ हैं।