भारत में मानसून की आंख-मिचोली जारी, कहीं बाढ़, तो कहीं सूखा
इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून का मिजाज काफी अलग रहा। कुछ राज्यों में तो जमकर बारिश हुई, वहीं कई जगह बूंद भर पानी को तरस गईं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, जून की शुरुआत से अब तक देश में 395.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा सामान्य से 11 फीसदी कम है। कम दबाव वाले सिस्टमों के कारण गुजरात में तो मूसलाधार बारिश हुई, पर दिल्ली और कर्नाटक जैसे राज्यों में लोगों को बारिश का इंतजार ही करना पड़ा।
जलाशयों में पिछले साल से 36 प्रतिशत कम पानी
मानसून के बदलते रुख से कहीं तो बाढ़ आ गई और कहीं सूखा ही रहा। असल में गुजरात में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है, जबकि दिल्ली में औसत से कम ही बारिश मिली। हालात को और भी मुश्किल बनाते हुए अल नीनो के असर से अगस्त का महीना और सूखा रहने की आशंका है। इसका नतीजा यह हुआ कि बड़े जलाशयों में पिछले साल के मुकाबले 36 फीसदी कम पानी जमा हुआ है। इससे तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों में पानी की किल्लत और बढ़ गई है।