सोनाम वांगचुक की दो टूक: लेह हिंसा की जवाबदेही कब? चुनाव पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल
जलवायु कार्यकर्ता सोनाम वांगचुक 24 सितंबर, 2025 को लेह में हुई हिंसा पर जवाब मांग रहे हैं, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे। न्यायिक जांच तो हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद पीड़ितों को अभी तक न कोई न्याय मिल पाया है और न ही मुआवजे का कोई रास्ता निकला है। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद जोधपुर जेल में बंद वांगचुक ने साफ कहा, "इस मामले में किसी की कोई जवाबदेही तय नहीं हुई है।"
वांगचुक ने की चुनाव में पारदर्शिता की मांग
भारत में चुनाव के तरीके को लेकर वांगचुक ने अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने खासकर चुनाव आयोग से जुड़े उन हालिया विवादों पर चिंता जताई है जो इन दिनों काफी चर्चा में हैं। हालांकि, वे खुद हर आंदोलन में शामिल नहीं हो सकते, लेकिन वांगचुक उन सभी लोगों का पूरा समर्थन करते हैं जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और ज्यादा साफ-सुथरा और निष्पक्ष बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली बदलाव सामूहिक प्रयासों से ही आएगा, तभी किसी भी संस्था को उसके कामों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सकता है।