सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 21वें दिन भी रही जारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की है मांग
रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने भारत की भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध जताया है। NEET पेपर लीक होने के बाद वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अपनी हड़ताल के 21वें दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने एक खुला पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने बताया कि वांगचुक की इस लड़ाई के प्रति ज्यादातर लोग बेपरवाह दिख रहे हैं।
दास ने वांगचुक के लिए की कार्रवाई की अपील
सौरव दास ने अपने पत्र में लिखा, "अगर हम अभी खड़े नहीं हुए, तो इतिहास यह नहीं पूछेगा कि वांगचुक ने भारत के लिए क्या किया, बल्कि यह पूछेगा कि जब वांगचुक को भारत की जरूरत थी, तब भारत ने क्या किया।" उन्होंने आगे बताया कि वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही है। उनका यह विरोध प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था की बड़ी खामियों को उजागर कर रहा है। दास ने समाज से वांगचुक को समर्थन न देने के लिए माफी मांगी और सबको आगाह किया कि बहुत देर होने से पहले हमें कुछ करना होगा।
CJP ने बनाई संसद मार्च की योजना
CJP ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की योजना बनाई है। उनका मकसद वांगचुक का समर्थन करना और शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग उठाना है। उन्होंने याद दिलाया कि यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे भारत के छात्रों के भविष्य से जुड़ी है।