बढ़ती मांग के बीच इस्पात कंपनियां अब बेच रही बिजली
मध्य भारत, खासकर छत्तीसगढ़ के रायपुर के आस-पास के छोटे स्टील उत्पादकों को अब स्टील बनाने से ज्यादा बिजली बेचना फायदेमंद लग रहा है।
बाजार में बढ़ती मांग और खुले बाजार में बिजली के ऊंचे दाम इसकी मुख्य वजह हैं।
महेंद्र स्पंज एंड पावर लिमिटेड और एसकेएस इस्पात एंड पावर जैसी कई कंपनियां अपनी वेस्ट-हीट (बेकार गर्मी) से बनी बिजली बेचकर अतिरिक्त कमाई कर रही हैं।
आसान शब्दों में कहें तो, स्पंज आयरन बनाने की प्रक्रिया से निकलने वाली गर्मी को वे अब पैसे कमाने का जरिया बना रही हैं।
कच्चे माल की लागत बढ़ी, स्पॉट बिजली में उछाल
कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने (जैसे आयरन ओर पेलेट की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी और कोयले का महंगा होना) इन छोटे निर्माताओं के मुनाफे को निचोड़ दिया है।
वहीं, पिछले एक साल में कोयले की कमी और बढ़ती मांग के कारण खुले बाजार में बिजली के दाम दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं। ऐसे में, जहां JSW स्टील और टाटा स्टील जैसी बड़ी कंपनियां अपना कारोबार बढ़ा रही हैं, वहीं छोटे उत्पादक अपनी रणनीति तेजी से बदल रहे हैं। वे अभी सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाले काम (बिजली बेचना) पर ध्यान दे रहे हैं।