राम मंदिर दान विवाद: SIT ने दिया ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति का प्रस्ताव, जानिए कारण
अयोध्या के रामजन्मभूमि मंदिर के कामकाज में आने वाले दिनों में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। दान में हुई गड़बड़ी के आरोपों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने मंदिर के संचालन को और पारदर्शी बनाने के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का सुझाव दिया है। यह सुझाव काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रबंधन की तर्ज पर दिया गया है। SIT ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट 23 जून को उत्तर प्रदेश गृह विभाग को सौंप दी है।
अयोध्या मंदिर दान गड़बड़ी की जांच कर रही है SIT
SIT ने इस मामले की जांच 13 जून को शुरू की थी। यह जांच मंदिर में आए दान को लेकर हुई कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद शुरू हुई। आरोप थे कि करीब 200 करोड़ रुपये नकद, 1250 किलो सोना और 70 किलो चांदी जैसे बड़े दान का ठीक से प्रबंधन नहीं किया गया। टीम अब तक लगभग 150 लोगों से पूछताछ कर चुकी है और सभी वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की है। बताया जा रहा है कि इस मामले की अंतिम रिपोर्ट 3 से 8 जुलाई के बीच आ सकती है। इस बीच, अखिलेश यादव जैसे नेताओं ने इस मामले में भ्रष्टाचार की आशंका जताई है और सरकार से जवाब भी मांगा है। वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने यह सवाल उठाया है कि इस पूरे मामले में अब तक कोई एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई है।