राम मंदिर ट्रस्ट: 124 करोड़ रुपये के खर्चों पर SIT की नजर, सवालों के घेरे में प्रबंधन
राम मंदिर ट्रस्ट के हाल ही में हुए कार्यक्रमों पर 124 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च अब विशेष जांच दल (SIT) की जांच के दायरे में आ गया है। टीम मुख्य रूप से जनवरी 2024 में हुए भव्य राम लला प्राण प्रतिष्ठा समारोह की जांच कर रही है, जिसकी लागत अकेले 113 करोड़ रुपये थी और इसमें करीब 8,000 मेहमान शामिल हुए थे, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी भी थे। जांचकर्ता अब पिछले 2 साल के बिलों और ऑडिट रिपोर्टों की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं ताकि यह देखा जा सके कि सब कुछ सही है या नहीं।
राम मंदिर ट्रस्ट के खर्च में अनियमितताएं
सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, टेंट सिटी बनाने पर 35.97 करोड़ रुपये खर्च हुए, 30.85 करोड़ रुपये अक्षत पूजन अभियान पर खर्च किए गए और इसके अलावा विज्ञापनों, सजावट और खाने-पीने पर भी भारी खर्च किया गया। SIT अब एक और कार्यक्रम, यानी नवंबर 2025 के ध्वजारोहण समारोह की भी समीक्षा कर रही है, जिसकी लागत 10 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। इसके अलावा, दान की गिनती के दौरान कर्मचारियों द्वारा नकदी छिपाने जैसे मामले भी सामने आए हैं और वे नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच हुए सोने और चांदी के चढ़ावे के रिकॉर्ड की भी जांच कर रहे हैं।