मासूमों की मौत से सुलग उठा मणिपुर! 5 दिन का बंद, सरकार ने झुककर मानीं मांगें
बिष्णुपुर जिले में 7 अप्रैल को हुए एक मोर्टार ब्लास्ट में दो बच्चों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद मणिपुर के घाटी वाले जिलों में पांच दिन का बंद लागू कर दिया गया है। इस घटना के चलते इंफाल घाटी में सामान्य जनजीवन ठहर सा गया है। बाजार, परिवहन और स्कूल, सब बंद हैं। गृह मंत्री के. गोविंद सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे इस कठिन समय में पूरे हालात को समझें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
सरकार ने मणिपुर की ज्यादातर मांगे स्वीकार कीं
लोगों के बढ़ते रोष को देखते हुए सरकार ने प्रदर्शनकारी समूहों की ज्यादातर मांगों को मान लिया है और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है। अब पूरे मणिपुर में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की 184 कंपनियां तैनात की गई हैं, जबकि इनमें से कई को पहले चुनाव ड्यूटी के लिए दूसरे राज्यों में भेजा गया था। सुरक्षा को और मजबूत करने के मकसद से सरकार माइन-प्रोटेक्टेड व्हीकल्स और बुलेट-प्रूफ व्हीकल्स भी ला रही है। अधिकारियों ने पीड़ितों के परिवारों को नौकरी देने का प्रस्ताव रखा है, जिस पर अभी विस्तार से बात होनी बाकी है। साथ ही, सभी से शांति बनाए रखने और मिलकर काम करने की अपील लगातार की जा रही है।