अलकनंदा घाटी में 200 से ज्यादा लटकते ग्लेशियर बने टाइम बम, वैज्ञानिकों की चेतावनी
वैज्ञानिकों ने सेंट्रल हिमालय में 200 से भी ज्यादा ऐसे 'लटकते हिमनद' ढूंढ निकाले हैं, जो कभी भी टूट सकते हैं। ये हिमनद खासकर अलकनंदा नदी के बेसिन (घाटी) में हैं। यह इलाका पहले से ही अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं के लिए जाना जाता है। ये हिमनद शहरों और जरूरी इमारतों-सड़कों के ऊपर खड़ी ढलानों पर टिके हुए हैं। ऐसे में, इनके नीचे बसे लोगों के लिए यह खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
जोशीमठ और विष्णुप्रयाग को निगरानी की जरूरत
इस स्टडी में बताया गया है कि जोशीमठ और विष्णुप्रयाग जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा है। यहां बड़े-बड़े लटकते हिमनद लोगों की बस्तियों के बेहद करीब हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान बढ़ रहा है, जिससे ये हिमनद और ज्यादा कमजोर और अस्थिर हो रहे हैं। वहीं, नई सड़कों के बनने और हाइड्रोपावर प्रोजेक्टों से भी खतरा बढ़ गया है। इसलिए, इन जगहों पर लगातार नजर रखना, जल्द चेतावनी देने वाली प्रणालियां लगाना और जोखिम को समझते हुए पहले से ही तैयारी करना बहुत जरूरी है।