गुजरात में हो रही मूसलाधार बारिश, वैज्ञानिकों को PDO को बताया कारण
गुजरात में हाल ही में बहुत भारी बारिश हुई है और वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके पीछे 'पैसिफिक डेकाडल ऑसिलेशन' यानी PDO का हाथ हो सकता है। दरअसल, PDO उत्तरी प्रशांत महासागर में एक दीर्घकालिक मौसमी पैटर्न है। यह हर 10 से 30 साल में, या उससे भी अधिक समय तक गर्म और ठंडे दौर के बीच बदलता रहता है। इसे 'अल नीनो' या 'ला नीना' जैसा ही मान सकते हैं, लेकिन इसका दायरा और अवधि कहीं ज्यादा बड़ी होती है।
PDO के दौर कैसे बदलते हैं भारत की मानसून बारिश
विशेषज्ञों का कहना है कि PDO हवाओं के रुख को लंबे समय तक बदलकर भारत के मानसून को प्रभावित कर सकता है। जब यह अपने 'नेगेटिव' चरण में होता है, तो आमतौर पर मानसून की बारिश अधिक होती है। वहीं, 'पॉजिटिव' चरण में बारिश कम होने से सूखा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात में हुई हालिया भारी बारिश की वजह PDO ही हो सकता है, क्योंकि यह नमी को बढ़ाता है और स्थानीय मौसम तंत्रों को ताकत देता है। हालांकि, वैज्ञानिक अभी भी यह पता लगा रहे हैं कि इस बारिश में PDO की भूमिका कितनी अहम थी।