मानसून की चाल बदलने से मध्य भारत सूखा, उत्तर-पूर्व पर बाढ़ का खतरा
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सैटेलाइट इमेजेज से पता चला है कि इस साल के मानसून में एक बड़ा बदलाव आया है।
जून के आखिर में देश के बड़े हिस्से में बादल छाए हुए थे, जिससे बारिश की कमी दूर होने लगी थी, लेकिन जुलाई के बीच तक वो बादल पूर्व की ओर बढ़ गए, जिससे मध्य और पश्चिमी भारत सूखा रह गया। ये उत्तर-पूर्व और हिमालय की पहाड़ियों पर जमा हो गए।
औसत से 18 फीसदी कम हुई बारिश
ये मानसून ब्रेक होना एक आम बात है, लेकिन इससे ज्यादातर इलाकों में बारिश कम हो रही है। देश में अब तक हुई कुल बारिश अभी भी औसत से 18 फीसदी कम है।
दूसरी ओर, उत्तर-पूर्व में भारी बारिश होने वाली है। मौसम के अंदाजे बताते हैं कि वहां के राज्यों में 300mm तक बारिश हो सकती है और मेघालय के कुछ हिस्सों में 500mm से ज्यादा हो सकती है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का असली खतरा बढ़ गया है।