अर्द्ध कुंभ के लिए हरिद्वार का बदला जा रहा है रूप, जानिए क्या-क्या हैं तैयारी
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अर्द्ध कुंभ के मौके पर हरिद्वार को नया रूप दिया जा रहा है। शहर में जगह-जगह लगे साइनबोर्डों पर अब संस्कृत भी लिखी दिखेगी। यह कदम सिर्फ सजावट के लिए नहीं उठाया गया है। इसका मकसद उत्तराखंड में संस्कृत को उसकी आधिकारिक भाषा होने का सम्मान दिलाना है। इसके साथ ही इस ऐतिहासिक जगह पर आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों को और अपनापन महसूस कराना है।
हरिद्वार के साइनबोर्डों पर संस्कृत अनुवाद की देखरेख करेंगे विशेषज्ञ
अनुवादों में कोई गलती न रहे, इसके लिए दो संस्कृत विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इनमें जय भारत साधु संस्कृत महाविद्यालय के नोडल अधिकारी वनि भूषण भी शामिल हैं। घाटों, बस स्टैंडों और स्कूलों जैसे अहम स्थानों के साइनबोर्डों को सबसे पहले बदला जाएगा। एक संस्कृत विद्वान ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे हरिद्वार का संस्कृत से पुराना रिश्ता और मजबूत होगा।