लद्दाख में नया जिला, पर क्यों भड़की विरोध की आग?
लद्दाख के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। संकू को लद्दाख का 8वां जिला घोषित कर दिया गया है। साल 2019 में जब से लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बना है, स्थानीय शासन और विकास को बढ़ावा देने के मकसद से यह कदम उठाया गया है।
हालांकि, इस फैसले से हर कोई खुश नहीं है। स्थानीय सिविल सोसाइटी संगठनों का कहना है कि सरकार का नया मसौदा प्रस्ताव उनके पुराने वादों के मुताबिक नहीं है। इस मुद्दे पर बातचीत का अगला दौर 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में तय किया गया है।
लद्दाख के संगठन मांग रहे हैं निर्वाचित विधानसभा
लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (KDA) जैसे संगठनों ने सरकार के इस कदम का विरोध किया है। उनका मानना है कि लद्दाख को असल में एक ऐसी निर्वाचित विधानसभा की जरूरत है, जिसके पास पूरी विधायी शक्तियां हों। उन्हें लगता है कि यह वादा उनसे किया गया था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
LAB और KDA का कहना है कि भले ही ज्यादा जिले बनने से प्रशासन में कुछ आसानी हो सकती है, लेकिन असली तरक्की तभी होगी जब लद्दाख के लोग अपने क्षेत्र के शासन-प्रशासन में अपनी मजबूत राय रख पाएंगे।