राजस्थान हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट जज के आरोपों का किया खंडन, जानिए क्या कहा
राजस्थान हाई कोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने शुक्रवार को HT से बात करते हुए आरोपों को मनगढ़ंत बताया और कहा कि यह निजी रंजिश का नतीजा है। इन आरोपों का कोई पुख्ता सबूत नहीं है। यह पूरी तरह एक साजिश है।
मेहता से जिरह कराना चाहते हैं शर्मा
शर्मा ने मेहता के साथ अपनी पुरानी पेशेवर दुश्मनी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दोनों साल 2011 में वरिष्ठ वकील बने थे, लेकिन शर्मा को इसके लिए आवेदन नहीं करना पड़ा था। शर्मा ने मेहता पर गोपनीयता भंग करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि मेहता ने कुछ निजी पत्र बार काउंसिल के साथ साझा किए, जिससे पता चलता है कि उन्हें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) पर भरोसा नहीं था। शर्मा ने उन दावों का भी खंडन किया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने अपने संपर्कों का इस्तेमाल करके जजों को प्रभावित किया।