हरियाणा में सफाई कर्मचारियों का 'जन न्याय' अल्टीमेटम, सरकार को 'मई समझौते' पर खुली चुनौती
हरियाणा के सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मई में हुए 17 सूत्रीय समझौते को लागू नहीं किया, तो वे अपनी हड़ताल और तेज करेंगे। सरकार ने प्रदर्शनकारियों को निलंबित किया है, बर्खास्त किया है और उन पर आपराधिक मामले भी दर्ज किए हैं, इसके बावजूद उनकी हड़ताल लगातार जारी है।
यूनियन नेता नरेश शास्त्री ने मंत्रियों पर आरोप लगाया है कि वे कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इन मांगों में नौकरियों को स्थायी करना और ठेकेदारी प्रथा को खत्म करना मुख्य हैं।
हरियाणा के कर्मचारी जन न्याय पंचायतों की योजना बना रहे
87 शहरों में 10,000 से ज्यादा ठेका कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है या उनका वेतन पूरी तरह से गायब है, जिससे वे मौजूदा व्यवस्था से परेशान हैं। कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, बल्कि उन्होंने 9 सितंबर को श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित करने और फिर 10 से 13 सितंबर तक जन न्याय पंचायतें बुलाने का फैसला किया है।
इस आंदोलन के जवाब में सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उसने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है और उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरते हैं, तो 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में एक राज्य स्तरीय जन न्याय पंचायत बुलाई जाएगी।