धोखे से रूसी सेना में भर्ती भारतीय छात्र की मां की मार्मिक अपील
गुजरात के साहिल मोजोधी पढ़ाई करने रूस गए थे, लेकिन वहां उन्हें कुछ फायदों का झांसा दिया गया और वे रूस की सेना में शामिल हो गए। फिलहाल वह यूक्रेन के युद्धबंदी शिविर में बंद हैं, जहां खबर है कि उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था। उनकी मां हसीना बानो, जो कैंसर और दिल की बीमारियों से जूझ रही हैं, बेटे को घर वापस लाने के लिए गुहार लगा रही हैं।
वापस लौटने के लिए लगाई गुहार
साहिल ने भारत सरकार से कहा है कि उनका लड़ाई में शामिल होने का कोई इरादा नहीं था और वे वापस लौटना चाहते हैं। उनकी मां ने अपनी गुहार दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंचाई है। वहीं, उनके वकील ने साहिल की हिरासत और उनकी मां की बिगड़ती सेहत के बारे में सीधे यूक्रेन के अधिकारियों से बात की है। इस मामले में अब विदेश मंत्रालय भी सक्रिय हो गया है और साहिल की अगली अदालत की सुनवाई 13 जुलाई को होनी है। इस बीच, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 214 भारतीयों के रूस की सेना में भर्ती होने की जानकारी मिली है। इनमें से कई लोग अभी भी लापता हैं, या उनकी स्थिति इससे भी बुरी हो सकती है, जिससे यह मामला लगातार चिंताजनक होता जा रहा है।