जयशंकर का UN में वैश्विक दक्षिण के लिए मास्टरस्ट्रोक, 7-सूत्रीय योजना से बुलंद की आवाज
UN जनरल असेंबली में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए आवाज उठाई। ये वे देश हैं जो अक्सर बड़े फैसलों से दूर रहते हैं, जबकि सप्लाई चेन में आने वाली दिक्कतों और राजनीतिक तनाव जैसे वैश्विक मुद्दों से सबसे ज्यादा प्रभावित भी यही होते हैं। जयशंकर ने इन देशों से एकजुट होने और विश्व मंच पर अपनी बात दमदार तरीके से रखने का आग्रह किया।
जयशंकर ने 7-सूत्रीय योजना साझा की
जयशंकर ने एक 7-सूत्रीय योजना सामने रखी। इसमें बताया गया कि कैसे सप्लाई चेन की उलझनों को दूर किया जाए, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जाए। साथ ही, घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने, साझा समुद्री क्षेत्रों की रक्षा करने और बड़े फैसलों के लिए प्रमुख मंचों पर अधिक प्रतिनिधित्व हासिल करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि देशों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तरक्की से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करना होगा। इसके अलावा, विदेश मंत्री ने लैटिन अमेरिका के साथ भारत के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इसमें चिली के साथ प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता और पेरू के साथ मुक्त व्यापार समझौता शामिल हैं।