UNSC में भारत का 'शांति' मंत्र: जयशंकर ने गुटेरेस से मिलकर छेड़ी बड़ी मुहिम
न्यूयॉर्क में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। इस बैठक में पश्चिमी एशिया, यूक्रेन और सूडान जैसे कई बड़े वैश्विक मुद्दों पर बातचीत हुई। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र के साथ भारत की मजबूत साझेदारी और दुनियाभर में शांति बनाए रखने के भारत के प्रयासों पर खास जोर दिया।
अपनी इस यात्रा के दौरान, उन्होंने साल 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की गैर-स्थायी सीट के लिए भारत के अभियान की औपचारिक शुरुआत भी की।
जयशंकर ने शांति स्थापना के इतिहास का जिक्र किया
भारत की UNSC दावेदारी के लिए जयशंकर ने शांति (SHANTI) विजन सामने रखा। शांति का पूरा नाम 'सिक्योरिंग होलिस्टिक एडवांसमेंट थ्रू नॉर्म्स, ट्रस्ट एंड इंटीग्रिटी' है।
उन्होंने भारत की शांति स्थापित करने की पुरानी और मजबूत विरासत पर प्रकाश डाला। बताया कि जब से संयुक्त राष्ट्र बना है, तब से लेकर अब तक भारत के करीब 3 लाख जवान 50 शांति मिशनों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। फिलहाल, चल रहे 11 में से 10 मिशनों में भारत के 4,300 जवान सक्रिय रूप से तैनात हैं। जयशंकर ने यह भी बताया कि भारत ने 79 देशों में विकास के कई काम किए हैं। उन्होंने दुनिया को ज्यादा निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा परिषद में सबको साथ लेकर चलने वाले फैसले लेने की जरूरत पर भी जोर दिया।