विदेश मंत्री जयशंकर बोले- अमेरिका और चीन के बीच प्रतिद्वंद्विता उभरती हुई शक्तियों के लिए फायदेमंद
दिल्ली में हुई म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका और चीन के बीच चल रही प्रतिद्वंद्विता को 'गोल्डीलॉक्स परिदृश्य' बताया। उनके मुताबिक, यह एक ऐसा बेहतरीन और दुर्लभ मौका है, जहां उभरते हुए और मध्यम ताकत वाले देश अपनी तरक्की के लिए ज्यादा जगह बना पा रहे हैं और अपने हिसाब से फैसले भी ले सकते हैं। उ
न्होंने आगे कहा कि ये देश अब मजबूत सप्लाई चेन बनाने और दुनिया भर की चुनौतियों से निपटने के लिए साझा लक्ष्यों पर मिलकर काम करने में जुटे हैं।
नेताओं ने मध्य शक्तियों के बदलते तौर-तरीकों पर की चर्चा
म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में यह विषय खूब चर्चा में रहा। यहां नेताओं ने इस बात पर खास ध्यान दिया कि बड़े ताकतवर देशों के गुट से बाहर के देश, बदलती वैश्विक परिस्थितियों में खुद को किस तरह ढाल रहे हैं।
हाल की कई घटनाएं, जैसे कि तनाव कम करने वाले व्यापार समझौते और अमेरिका व चीन के नेताओं के बीच हुई बड़ी मुलाकातें, साफ दिखाती हैं कि मध्य शक्तियों के पास अब सहयोग करने, अपने विकल्पों में विविधता लाने और अपने भविष्य को खुद आकार देने के लिए कितनी गुंजाइश है।