जयशंकर की त्रिनिदाद यात्रा: 'घर से दूर घर' में मिलीं भारत की जड़ें, रिश्ते हुए मजबूत
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने त्रिनिदाद और टोबैगो का अपना दौरा पूरा किया। इस दौरान उन्होंने अपना मुख्य ध्यान गिरमिटिया समुदाय पर रखा। यह समुदाय उन भारतीय मजदूरों के वंशज हैं जो कई पीढ़ियों पहले भारत से वहां जाकर बस गए थे। आज ये त्रिनिदाद और टोबैगो की लगभग आधी आबादी हैं। इस दौरे का मकसद साझा जड़ों का जश्न मनाना और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा करना था।
जयशंकर ने जयपुर फुट सेंटर के नए केंद्र का उद्घाटन किया
जयशंकर ने पेनाल में एक नया प्रोस्थेटिक्स सेंटर खोला। यह सेंटर भारत की जयपुर फुट पहल को आगे बढ़ाएगा, जिसने अब तक त्रिनिदाद और टोबैगो में 800 से ज्यादा लोगों को मदद पहुंचाई है।
उन्होंने मशहूर दत्तात्रेय मंदिर के भी दर्शन किए, जहां हनुमान जी की 85 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है। भारतीय मूल के त्रिनिदाद और टोबैगो समुदाय के साथ बिताए अपने समय को उन्होंने 'घर से दूर घर' जैसा बताया। यह दर्शाता है कि भारत त्रिनिदाद और टोबैगो का एक भरोसेमंद सहयोगी है।