2025-26 में 3.39 करोड़ ट्रेन टिकट रद्द, स्लीपर श्रेणी के सबसे ज्यादा
RTI से मिले आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3.39 करोड़ से भी ज्यादा ट्रेन टिकट रद्द कर दिए गए हैं। इन टिकटों के रद्द होने की मुख्य वजह यह रही कि वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को कभी कन्फर्म सीट मिल ही नहीं पाई।
इसका सीधा मतलब है कि हर दिन लगभग 92,800 लोग अपनी यात्रा की योजना रद्द करने पर मजबूर हुए। यह स्थिति खासकर छात्रों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए ज्यादा मुश्किल भरी रही, क्योंकि रद्द हुए टिकटों में सबसे बड़ी संख्या स्लीपर क्लास की थी, जो 1.68 करोड़ रही।
चंद्रशेखर गौर ने तुरंत कार्रवाई की मांग की
कुछ ही सालों में रद्द होने वाले टिकटों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो गई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में यह आंकड़ा 1.65 करोड़ था, जो बढ़कर अब 3.39 करोड़ तक पहुंच गया है। RTI कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर ने इस स्थिति पर तुरंत ध्यान देने और कार्रवाई करने की अपील की है। उनका कहना है कि ट्रेनों और सीटों की कमी के कारण लाखों लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए भारतीय रेलवे पर ही भरोसा करते हैं।