
इंफोसिस पर RSS की पत्रिका पांचजन्य का हमला, लगाए कई गंभीर आरोप
क्या है खबर?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी पत्रिका पांचजन्य ने देश की प्रमुख IT कंपनी इंफोसिस पर निशाना साधते हुए इसे 'देश विरोधी' करार दिया है।
पांचजन्य ने लिखा कि इंफोसिस जानबूझकर भारतीय अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है और आरोप लगाया कि कंपनी नक्सलियों, वामपंथियों और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' की मदद कर रही है।
इन्फोसिस द्वारा विकसित गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) और इनकम टैक्स पोर्टल्स में आ रही दिक्कतों को लेकर पांचजन्य ने यह हमला बोला है।
हमला
पांचजन्य ने इंफोसिस को बताया 'ऊंची दुकान, फीका पकवान'
पांचजन्य ने अपने ताजा संस्करण में इंफोसिस पर 'साख और आघात' शीर्षक से कवर स्टोरी प्रकाशित की है। कवर पेज पर इंफोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति की तस्वीर छपी है।
स्टोरी में इंफोसिस को 'ऊंची दुकान, फीका पकवान' बताते हुए लिखा गया है कि कंपनी द्वारा तैयार किए गए पोर्टल्स में नियमित रूप से दिक्कतें आती हैं, जिससे करदाताओं और निवेशकों को परेशानी होती है। ऐसी घटनाओं ने करदाताओं का भारतीय अर्थव्यवस्था में विश्वास कम कर दिया है।
आरोप
बार-बार दिक्कतों से होता है संदेह- पांचजन्य
पत्रिका ने लिखा, 'जब बार-बार पोर्ट्ल्स में परेशानी आती है तो संदेह पैदा होता है। ऐसे आरोप हैं कि इंफोसिस का प्रबंधन जानबूझकर भारतीय अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। क्या कोई देश विरोधी शक्ति इंफोसिस के जरिये भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है?'
पत्रिका ने लिखा कि उसके पास ठोस सबूत नहीं है, लेकिन इंफोसिस पर कई बार नक्सलियों, वामपंथियों और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' की मदद का आरोप लगता रहा है।
आरोप
पांचजन्य ने इंफोसिस पर लगाए देश विरोधी ताकतों को मदद के आरोप
स्टोरी में लिखा गया है कि इंफोसिस द्वारा देश विरोधी ताकतों को समर्थन देने का मामला सामने आ चुका है। ऐसा माना जाता है कि गलत सूचनाएं फैलाने वाली कई वेबसाइट्स को इंफोसिस से फंडिंग मिली हुई है।
स्टोरी में सवाल उठाते हुए लिखा गया है कि क्या इंफोसिस के प्रमोटर्स से नहीं पूछा जाना चाहिए कि वो देश विरोधी और अराजक संगठनों को फंड क्यों देते हैं? क्या ऐसी कंपनी को सरकारी ठेके दिए जाने चाहिए?
जानकारी
विपक्ष की चाल भी हो सकती- पांचजन्य
पत्रिका में लिखा गया कि इंफोसिस द्वारा बनाए गए पोर्ट्ल्स में खामियां आना विपक्ष की चाल हो सकती है ताकि वो सरकार को भारतीय कंपनियों को ठेके देने की नीति बदलने पर मजबूर कर सके। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को नुकसान होगा।
प्रतिक्रिया
सरकार और उद्योग संगठनों की चुप्पी, विपक्ष ने सवाल उठाए
RSS से जुड़ी पत्रिका द्वारा इंफोसिस पर इतने बड़े आरोप लगाए जाने के बाद भी सरकार और भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वहीं CII, FICCI और NASSCOM जैसे उद्योग संगठन भी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस ने जवाब के लिए इंफोसिस और IT मंत्रालय को मेल भेजा था, जिसका जवाब नहीं मिला है।
वहीं विपक्ष ने कहा कि RSS से यह लेख आना सरकार की प्रतिक्रिया के बराबर है
जानकारी
जयराम रमेश ने स्टोरी को बताया देश विरोधी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस लेख को देश विरोधी बताते हुए कहा कि इंफोसिस भारत को दुनिया में आगे लेकर गई है। यह लेख सरकार से दोष हटाने की कोशिश है और इसकी निंदा होनी चाहिए।