OTT पर लगाम कसने के लिए RSS की योजना, मांगी सेंसर जैसी समीक्षा
RSS ने OTT प्लेटफॉर्म्स से फैल रहे 'सांस्कृतिक प्रदूषण' से निपटने के लिए एक अनौपचारिक समूह बनाया है। इस समूह में शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में काम कर रहे प्रचारक और कुछ पूर्व कुलपति शामिल हैं।
हाल ही में इस समूह की बैठक हुई, जिसमें OTT कंटेंट को नियंत्रित करने और 'सांस्कृतिक प्रदूषण' से निपटने के तरीकों पर सिफारिशें तैयार करने पर चर्चा हुई।
पैनल ने OTT के लिए सेंसर जैसी समीक्षा की मांग की
पैनल चाहता है कि OTT पर आने वाले शो और फिल्मों के लिए सेंसर बोर्ड जैसा ही कोई सिस्टम हो, ठीक वैसा ही जैसे सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली फिल्मों के लिए होता है। यह समूह सरकार के लिए सिफारिशें तैयार कर रहा है।
इन सिफारिशों में RSS प्रमुख मोहन भागवत की उस चिंता का असर भी दिखेगा, जिसमें उन्होंने ऑनलाइन कंटेंट से 'नैतिक गिरावट' की बात कही थी। कोई भी प्रस्ताव भेजने से पहले कानूनी जानकारों से भी सलाह ली जाएगी। फिलहाल, भारत में स्ट्रीमिंग कंटेंट के लिए सेंसर बोर्ड जैसा कोई फिल्टर या समीक्षा प्रक्रिया नहीं है।