74 साल की डॉक्टर के साथ डिजिटल धोखाधड़ी, गंवाएं 1.35 करोड़ रुपये
दक्षिण मुंबई में रहने वाली एक 74 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर ने 1.35 करोड़ रुपये गंवा दिए। साइबर अपराधियों ने खुद को एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) का अधिकारी बताया। उन्होंने डॉक्टर को यकीन दिलाया कि उनके बैंक खाते 2016 के पाठानकोट आतंकी हमले से जुड़े हैं।
इसके बाद, ठगों ने डॉक्टर को 15 दिनों के लिए 'डिजिटल अरेस्ट' के झूठे डर में डाल दिया। पहले फोन पर बात की और फिर वीडियो कॉल करके उन्हें अपने बुने हुए जाल में फंसा लिया।
ठगों ने दिखाए नकली RBI और ED कागजात
इन ठगों ने अपनी जालसाजी को पुख्ता दिखाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कागजात दिखाए। इतना ही नहीं, उन्होंने पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल भी किए। उन पर भरोसा करके डॉक्टर ने अपनी पूरी बचत निकाल ली और उनके बताए खातों में पैसा भेज दिया।
अपनी भतीजी से बात करने के बाद ही डॉक्टर को एहसास हुआ कि यह सब एक धोखाधड़ी थी। इसके बाद, परिवार ने 2 अगस्त को साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन डॉक्टर को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।