पिछले साल से बदतर हालात, भारत के जलाशयों में पानी का विकराल संकट
देश के जलाशयों में पानी का स्तर गिरकर अब कुल क्षमता का केवल 71.84 प्रतिशत रह गया है। यह पिछले साल के 90.31 प्रतिशत के मुकाबले काफी नीचे है।
खासकर दक्षिण भारत में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों के जलाशय लगभग आधी क्षमता पर आ गए हैं।
महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान सहित कई राज्य इस समय गंभीर सूखे का सामना कर रहे हैं।
पूर्वी और उत्तरी भारत के 92 जलाशयों की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है।
महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान में गंभीर सूखा
सूखे की इस मार से सिर्फ दक्षिणी राज्य ही नहीं जूझ रहे हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान जैसे राज्य भी इस समय सूखे की गंभीर चुनौती का सामना कर रहे हैं।
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश के 178 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण उनकी कुल क्षमता का 70 प्रतिशत है। यह पिछले 10 वर्षों के औसत 76.62 प्रतिशत और पिछले साल के 79 प्रतिशत के स्तर से कम है।
दक्षिणी क्षेत्र के जलाशयों में जल स्तर उनकी कुल क्षमता का सिर्फ 50 प्रतिशत रह गया है, जिसमें 27.926 अरब घन मीटर पानी उपलब्ध है। पिछले साल इसी अवधि में जलाशयों में 87.25 प्रतिशत पानी था।