भारत में रोजाना पैदा होता है 1.70 लाख टन कचरा, 40 प्रतिशत का नहीं होता प्रसंस्करण
शासन और सतत विकास संस्थान (IGSD) और गेटवे रिसर्च की एक नई रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत में हर दिन करीब 1.70 लाख टन नगर निगम का अपशिष्ट (कचरा) पैदा होता है, लेकिन 40 प्रतिशत हिस्सा का प्रसंस्करण (प्रोसेस) ही नहीं हो पाता। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस कचरे का ज्यादातर हिस्सा तो उठा लिया जाता है, लेकिन इसे ठीक से प्रोसेस करने में हम पीछे रह जाते हैं। यह दिखाता है कि भारत को अपने वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को और बेहतर बनाने की कितनी जरूरत है।
भारतीय कचरे में 40-60 प्रतिशत ऑर्गेनिक
इस कचरे का एक बड़ा हिस्सा, करीब 40 से 60 प्रतिशत तक ऑर्गेनिक है। इसे डंपसाइट्स के बड़े-बड़े ढेरों में बदलने की बजाय खाद या बिजली बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। भी ज्यादातर शहरों का बजट सिर्फ कचरे को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में ही खर्च हो रहा है, उसे सही ढंग से प्रोसेस करने में नहीं। विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर इन कमियों को ठीक करके कचरे को अलग-अलग करने (सेग्रीगेशन) और उसे प्रोसेस करने पर ध्यान दिया जाए, तो शहर काफी साफ हो सकते हैं।