अल नीनो के बावजूद मुंबई में रिकॉर्डतोड़ बारिश
मुंबई में बीते हफ्ते ऐसी बारिश हुई, जिसने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 1 जुलाई से 7 जुलाई के बीच, कोलाबा में 791 मिलीमीटर और सांताक्रूज में 879 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कोलाबा में तो इस पूरे महीने की औसत बारिश से भी ज्यादा पानी गिरा, वहीं सांताक्रूज अपने पूरे सीजन की औसत के लगभग बराबर पहुंच गया। सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि यह सब अल नीनो वाले साल में हुआ, जब आमतौर पर मानसून कमजोर होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से अब जब भी बारिश होती है, वह बेहद तेज और मूसलाधार हो जाती है।
विशेषज्ञ ने कहा- ग्लोबल वार्मिंग से हो रही है भारी बारिश
मैरीलैंड यूनिवर्सिटी के एमेरिटस प्रोफेसर और IIT बॉम्बे के पूर्व प्रोफेसर डॉक्टर रघु मुर्तगुड्डे बताते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से अब मानसून का मिजाज बदल गया है। अब बारिश कम वक्त के लिए होती है, लेकिन जब होती है तो बहुत ज्यादा तेज होती है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली ज्यादा नमी ऐसे चरम मौसम को और बढ़ा रही है। इतना ही नहीं, मुंबई की सालाना बारिश में भी लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 2001 से 2024 के औसत की तुलना जब 1981 से 2000 के औसत से की जाती है, तो साफ पता चलता है कि हमारे मौसम के पैटर्न बदल रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का कहना है कि जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे और हल्की बारिश की उम्मीद है।