CJP नेता रत्ना सिंह प्रदर्शन से पहले हिरासत में, पार्टी का आरोप- पुलिस ने नहीं दिया कोई आधिकारिक नोटिस
CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह को शनिवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पार्टी का कहना है कि उन्हें हिरासत में लेने का कोई आधिकारिक नोटिस नहीं दिया गया था।
पार्टी ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें दिखाया गया है कि रत्ना सिंह को कार में कम से कम 25 पुलिसकर्मियों ने घेर रखा था। सिंह ने बताया कि पुलिसवालों ने उनसे कहा कि वे तो ऊपर से मिले आदेशों का पालन कर रहे थे।
जंतर मंतर 2.0 से ठीक पहले हुई हिरासत
CJP के 'जंतर मंतर 2.0' प्रोटेस्ट से ठीक पहले सिंह की यह हिरासत हुई है। इस प्रोटेस्ट के जरिए वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर का विरोध किया जा रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
रत्ना सिंह ने पहले ही आरोप लगाया था कि पुलिस ने बिना किसी वजह के उन्हें घर पर भी हिरासत में लेने की कोशिश की थी। उन्होंने इसे "सड़क पर अवैध रूप से हिरासत में लेना" बताया था। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी है। ऐसे में CJP ने उन लोगों के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं, जो इस प्रोटेस्ट में शामिल होने का प्लान बना रहे हैं।