राम मंदिर की आध्यात्मिक बागडोर अब 9 सदस्यीय समिति के हाथों में
अयोध्या से एक अहम खबर सामने आई है। अब राम मंदिर के सभी आध्यात्मिक मामलों की देखरेख एक 9 सदस्यीय धार्मिक कमेटी करेगी। इस कमेटी का गठन 22 जुलाई को किया गया है। इसमें 5 स्थानीय साधु-संतों के अलावा 4 बाहरी सदस्य भी शामिल हैं।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य पूजा-पाठ, रीति-रिवाजों और त्योहारों के संचालन में स्थानीय साधु-संतों की भूमिका को बढ़ाना है। दरअसल, अयोध्या का संत समाज लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था।
कमेटी पूजा और त्योहारों का प्रबंधन करेगी
यह नई टीम रोजमर्रा की पूजा-अर्चना का जिम्मा संभालेगी। साथ ही, राम नवमी और विवाह पंचमी जैसे बड़े त्योहारों को भी यही कमेटी आयोजित करेगी। इसके अलावा, धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए पुरोहितों के प्रशिक्षण को फिर से शुरू किया जाएगा।
यह टीम अयोध्या के दूसरे मंदिरों और गुरुकुलों के साथ मिलकर काम करेगी, ताकि सभी के बीच तालमेल बना रहे और उनकी बात भी सुनी जा सके। इस दिशा में आगे की रणनीति तय करने के लिए ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को होनी है।