राम मंदिर दान चोरी में 67 लोगों के शामिल होने का दावा, राय-मिश्रा सरकारी गवाह बने
क्या है खबर?
अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले में पुलिस ने 73,480 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को क्लीन चिट दी है। तीनों को आरोपी नहीं, बल्कि सरकारी गवाह बनाया गया है। इनके अलावा 130 अन्य लोगों को भी गवाह बनाया गया है। चार्टशीट से पता चला है कि मंदिर के एक कर्मचारी ने ही सबसे पहले चोरी पकड़ी थी।
गिरोह
गिरोह की तरह काम कर रहा थे आरोपी, 67 लोग शामिल
चार्जशीट में दर्ज बयानों के मुताबिक, गणना कक्ष में कई दिनों से चोरी की बात सामने आई थी और इसमें 67 लोगों के शामिल होने का जिक्र है।
चोरी की पहली सूचना चंपत राय तक वीडियो और लिखित संदेश के जरिए पहुंची थी।
चंपत के बयान के मुताबिक, 4 जून को दिल्ली से अयोध्या आते समय आनंद कुमार चौधरी ने उन्हें व्हाट्सएप पर गणना कक्ष के बाथरूम से बरामद 2.25 लाख रुपये का वीडियो और लिखित संदेश भेजा था।
घटनाएं
चोरी की 105 घटनाएं कैमरे में कैद
चार्जशीट में कहा गया है कि 5 जून को चंपत ने अन्य पदाधिकारियों के साथ CCTV फुटेज देखे। इसमें चोरी की 105 घटनाएं सामने आईं।
अविनाश शुक्ला सबसे ज्यादा 85 बार चोरी करते दिखाई दिया। वहीं, करुणेश पांडे ने 2 बार चोरी की और 68 बार चोरी में मदद की।
मनीष यादव ने 16 बार खुद चोरी की, लव कुश मिश्रा ने एक बार चोरी की और 52 बार मदद की। अनुकल्प मिश्रा ने 56 बार चोरी में मदद की।
गवाह
पुलिस ने 133 लोगों को गवाह बनाया
पुलिस ने FIR दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन को पहला गवाह बनाया है। इसके अलावा चार्जशीट में कुल 133 गवाहों का जिक्र है।
इनमें चंपत, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के अलावा कोतवाली और राम जन्मभूमि थाने के इंस्पेक्टर समेत 27 पुलिसकर्मी भी हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 7 आरोपियों के पास से कुल 79 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। वहीं, सभी 8 आरोपियों के बैंक खातों में 98 लाख रुपये जमा होने की पुष्टि हुई है।
चार्जशीट
चार्जशीट में और क्या-क्या खुलासे हुए?
चोरी की पहली घटना 3 जून को सामने आई थी। जब करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला और अनुकल्प मिश्रा नोट छिपाते पकड़े गए थे।
पुलिस ने करीब 700 बैंक खातों की जांच की। इनमें ट्रस्टियों, आरोपियों, संदिग्धों, गणना कर्मियों और कर्मचारियों के खाते शामिल थे।
सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव भी चोरी में शामिल था।
अनुकल्प, अविनाश और लवकुश के बीच चोरी की राशि को लेकर मैसेज में बात हुई।